नई दिल्ली, सितम्बर 17 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। हाई कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा तीन-सितारा व उससे ऊपर के होटलों पर उच्च संपत्ति कर लगाने के फैसले को बरकरार रखा है। न्यायालय ने इस तर्क को खारिज कर दिया कि ऐसा वर्गीकरण मनमाना है या संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है। कई होटल संघों सहित याचिकाकर्ताओं ने एक समान उपयोग कारक (यूएफ-10) व अधिकतम 20 प्रतिशत कर दर लगाने को चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि स्वैच्छिक स्टार रेटिंग के आधार पर होटलों के वर्गीकरण में वैधानिक समर्थन का अभाव है। इससे समान नगरपालिका सेवा उपयोग प्रदान करने वाले प्रतिष्ठानों पर अनुचित रूप से बोझ पड़ता है। हालांकि, हाई कोर्ट ने इससे असहमति जताई। कोर्ट ने कहा कि पर्यटन मंत्रालय (एमओटी) द्वारा विकसित स्टार-रेटिंग प्रणाली होटलों के बीच अंतर करने के लिए एक स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.