गया, दिसम्बर 2 -- गयाजी-बोधगया को विश्व पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की बड़ी योजनाएं वर्षों से बनाई जा रही हैं। लेकिन, जमीनी हकीकत अब भी निराशाजनक है। प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग द्वारा शुरू किए गए ब्रह्मयोनि, प्रेतशिला और ढ़ुंगेश्वरी पहाड़ी पर तीन प्रमुख रोपवे प्रोजेक्ट तीन वर्षों में भी पूरा नहीं हो सके हैं। नतीजतन, हजारों पर्यटकों को इस साल भी खड़ी पहाड़ियों की कठिन पैदल चढ़ाई झेलनी पड़ेगी। सुविधाएं अधूरी, पर्यटक परेशान हर साल लाखों की संख्या में देसी-विदेशी पर्यटक गयाजी और बोधगया पहुंचते हैं। बुद्धभूमि की अंतरराष्ट्रीय पहचान, मोक्षस्थली का धार्मिक महत्व और पहाड़ियों की आस्था सब मिलकर गयाजी को पर्यटन का केंद्र बनाते हैं। लेकिन, बदहाल बुनियादी सुविधाएं अधूरा विकास और रोपवे जैसी आवश्यक सुविधा के ठप रहने से पर्यटकों को भारी दिक्कतो...