मुंगेर, नवम्बर 12 -- संग्रामपुर, एक संवाददाता। नगर पंचायत संग्रामपुर के गठन को लगभग तीन वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन विकास कार्य के नाम पर अबतक कोई ठोस उपलब्धि दर्ज नहीं की जा सकी है। नगर के अधिकांश वार्डों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। सड़कें जर्जर हैं, नाले टूटे पड़े हैं और नल-जल योजना के तहत जलापूर्ति भी नियमित नहीं हो पा रही है। तीन वर्षों में छह कार्यपालक पदाधिकारी बदल चुके हैं, पर हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। सातवें कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में रवि शंकर सिंह ने हाल ही में योगदान दिया है। इसके बाद ही बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ आचार संहिता लागू हो गई, जिससे सभी नए विकास कार्य ठप पड़ गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत बनने के बाद सड़क, नाला, पेयजल और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन स्थिति...
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