बहराइच, दिसम्बर 23 -- बहराइच, संवाददाता। दो माह के भीतर दो हजार ई रिक्शा बढ़े है। पर्यावरण की दृष्टि से मददगार ई रिक्शा की जिले में बाढ़ आ गई है। हालात यह है कि अब इनकी वजह से लग रहे जाम, बढ़ रही दुर्घटनाओं से निजात कैसे मिले। इसके उपाय होने के बावजूद उन पर अमल क्यों नहीं हो रहा। इसको लेकर लोगों में हैरानी है। समस्या के मद्देनजर तीन वर्ष पूर्व सीएम योगी आदित्यनाथ, तत्कालीन परिवहन आयुक्त ने हाईवे व प्रमुख मार्गो पर ई रिक्शा संचालन रोक इनको लिंक मार्ग के फीडर रूट चिह्नित करने के फरमान की बजाय जिले में वन वे रूट का पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया। इससे भी जाम को निजात नहीं मिल रही है। तीन वर्ष बाद भी फीडर रूट चिह्नित नहीं हो सके है। जिससे कस्बाई, ग्रामीण इलाकों के ही नही श्रावस्ती सहित अन्य जिलों के रिक्शे शहर में जाम की स्थिति बनाए है।
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