बांका, फरवरी 10 -- धोरैया (बांका), संवाद सूत्र। प्रखंड के अहिरों पंचायत अंतर्गत जगनकित्ता गांव स्थित प्रोन्नत मध्य विद्यालय में पेयजल संकट पिछले तीन वर्षों से बच्चों और शिक्षकों के लिए गंभीर समस्या बना हुआ है। विद्यालय में पढ़ने वाले करीब ढाई सौ छात्र-छात्राओं को आज भी एकमात्र चापाकल के सहारे अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। स्थिति यह है कि शिक्षा विभाग द्वारा पानी की समस्या से निजात दिलाने के उद्देश्य से विद्यालय परिसर में बोरिंग तो कराया गया, लेकिन वह आज तक चालू नहीं हो सका। बोरिंग का कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण बच्चों को राहत मिलने के बजाय परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार, जब विद्यालय में बोरिंग कराने का काम शुरू हुआ था, तब बच्चों और अभिभावकों के बीच काफी खुशी का माहौल था। सभी को उम्मीद थी कि अब विद्यालय में पेयजल की समस्या...