पटना, जनवरी 29 -- बिहार में घोड़परास (नीलगाय) का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। तीन लाख से अधिक घोड़परास 34 जिलों में तबाही मचा रहे हैं। हाल यह है कि केवल चार जिलों को छोड़कर पूरा प्रदेश ही अब इनकी जद में आ गया है। इनका प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। उधर, राज्य सरकार इनकी बढ़ती संख्या के बाद परेशानी में है। कृषि विभाग ने पिछले दिनों घोड़परास को लेकर राज्यव्यापी सर्वे करवाया तो चौंकने वाले परिणाम सामने आए हैं। मधेपुरा, बांका, किशनगंज और कटिहार को छोड़कर अन्य सारे जिलों में इनकी पहुंच हो चुकी है। हाल यह है कि इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। नित्य नये-नये इलाकों में इनकी धमक हो रही है। कई जिलों में लोगों की शिकायत है कि उनके यहां पहले घोड़परास नहीं दिखता था, लेकिन अब वे वहां स्थायी रूप से बस गए हैं। सिर्फ वैशाली में ही 34 हजार घोड़परास खेतों को चर ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.