हाथरस, फरवरी 22 -- हाथरस। तीज त्यौहार हिन्दू धर्म संस्कृति की जान है। इसलिए होलिका दहन का भी विशेष महत्व है। इसकी तैयारियों में भक्त और संस्थाएं जुट गई हैं। होलाष्टक की 24 मार्च से शुरुआत होगी। इस दौरान शुभ कार्यो पर ब्रेक रहेगा। इसलिए अब होली के बाद ही शुभ कार्य हो सकेंगे। विद्वानों के अनुसार होलिका दहन भद्रा के पुछ में चार बजकर 56 मिनट पर शुभ रहेगा। विद्वानों की मानें तो होलाष्टक लगने के बाद शुभ कार्य नहीं होते हैं। इसलिए भजन और भक्ति को ही महत्व दिया गया है। होलिका दहन की रात्रि को जागरण का महत्व है। इसे दारुण रात्रि की संज्ञा दी गई है। आचार्य बल्लभ जी महाराज ने बताया कि होलाष्टक 24 फरवरी से लग रहे हैं। होलिका अष्टक की 24 फरवरी तीन बजकर सात मिनट पर शुरुआत होगी। पूर्णिमा तिथि दो मार्च को शाम पांच बजकर 56 मिनट पर शुरू होगी। इस दौरान भद्र...