भागलपुर, अगस्त 11 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। गंगा में उफान से आई से बाढ़ के कारण लाखों की आबादी प्रभावित हो रही है। बाढ़ का पानी नये-नये इलाकों में घुसने से जान-माल की क्षति हो रही है। मुंगेर से सुल्तानगंज, भागलपुर, नवगछिया अनुमंडल, कहलगांव व पीरपैंती तक बाढ़ की स्थिति बीते 10 वर्ष के दौरान और गंभीर हुई है। 14 अगस्त 2021 में गंगा का जलस्तर रिकॉर्ड 34.86 मीटर तक पहुंच गया था। इस साल भी उच्चतम स्तर के आसपास है गंगा। टीएमबीयू के पीजी भूगोल विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ की स्थिति अगले एक दशक में और भी गंभीर होने की आशंका है। विभाग के पूर्व अध्यक्ष व पर्यावरणविद डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार 1975 में फरक्का डैम बनने के बाद गंगा बेसिन में बेतहासा मिट्टी, गाद या सिल्ट जमा हो रहा है। बीते तीन दशक में मुंगेर से लेकर कहलगांव तक करीब 40 मीटर गाद जमा ...
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