औरंगाबाद, नवम्बर 28 -- दाउदनगर बाजार में चौक-चौराहों तक तिलकुट की दुकानों पर जुट रही भीड़ ठंड का मौसम शुरू होते ही दाउदनगर क्षेत्र में तिलकुट उद्योग एक बार फिर रफ्तार पकड़ने लगा है। कम पूंजी, कम श्रमिक और सीमित जगह में अधिक आमदनी देने वाला यह मौसमी व्यवसाय पारंपरिक उद्योग स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार का बड़ा जरिया बन चुका है। ठंड के मौसम की शुरुआत के साथ ही दाउदनगर बाजार, भखरुआं चौक और मुख्य सड़क किनारे दर्जनों अस्थायी दुकानों की कतारें सज गई हैं। इस उद्योग से इलाके में सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से काम मिल रहा है। दाउदनगर से जुड़े कई ग्रामीण इलाकों में भी छोटे स्तर पर तिलकुट और तिलचपरी बनाने का काम शुरू हो गया है। हर वर्ष ठंड बढ़ने के साथ तिलकुट की लोकप्रियता भी बढ़ती है। पहले कुछ चुनिंदा स्थानों पर ही तिलकुट की दुकानें...