पटना, दिसम्बर 9 -- पटना हाईकोर्ट ने भागलपुर के तिलका मांझी विश्वविद्यालय के 2013 में नियमित किए गए कर्मचारियों की सेवाएं वर्ष 2017 में समाप्त करने का आदेश निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि सेवा समाप्ति आदेश बिना किसी पूर्व सूचना और सुनवाई का जारी किया गया था। यह आदेश प्रक्रिया के अनुरूप नहीं हैं। न्यायमूर्ति आलोक कुमार सिन्हा की एकलपीठ ने पंकज कुमार एवं अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि विश्वविद्यालय के आदेश को निरस्त कर दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि विश्वविद्यालय के आदेश में कर्मचारियों को लेकर अलग-अलग समीक्षा या स्पष्ट कारण दर्ज नहीं किए गए हैं। कोर्ट ने विश्वविद्यालय को ऐसे सभी कर्मचारियों जिनकी सेवा समाप्त की गई हैं, उन्हें पूर्व की स्थिति में बहाल करने का आदेश दिया। साथ ही पुनर्बहाली के बाद कर्मचारियों का पूर्...