नई दिल्ली, जनवरी 6 -- मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै खंडपीठ ने तिरुपरनकुंड्रम पहाड़ी के दीपथून (पत्थर का स्तंभ) पर दीप जलाने की अनुमति देने वाले एकल जज के आदेश को मंगलवार को बरकरार रखा। साथ ही राज्य की डीएमके सरकार को फटकार लगाई। कहा की दीप प्रज्ज्वलन से सार्वजनिक शांति भंग होने का सरकार का दावा बेतुका है। न्यायमूर्ति जी जयचंद्रन और न्यायमूर्ति केके रामकृष्णन की खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर दीपथून है, वह भगवान सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर का है। खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित करने के लिए ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहे कि शैव धर्म के आगम शास्त्र में उस स्थान पर दीपक जलाने पर रोक है जो गर्भगृह में देवता के ठीक ऊपर नहीं हैं। यह भी कहा कि न ही देवस्थानम् ( मंदिर प्रबंधन) या सरकार का यह कहना है कि तिरुपरनकुंड्रम प...