नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है, इसी विचार को साकार रूप देने के उद्देश्य से स्थापित बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित तिरहुत कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन आज देशभर में फिजिकल एजुकेशन के क्षेत्र में अपनी एक विशिष्ट पहचान बना चुका है। मुजफ्फरपुर की ऐतिहासिक भूमि पर 1938 में एक हेल्थ सेंटर के रूप में स्थापित यह संस्थान आज न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे भारत में स्वास्थ्य, खेल और शिक्षा के संगम का प्रतीक बन गया है। शासी निकाय सदस्य व सं सचिव श्री मनीष कुमार बताते हैं कि तिरहुत कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन, सिर्फ एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि यह एक ऐसी विचारधारा है जो "स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है" की परिकल्पना को साकार करती है। यहां से निकलने वाले विद्यार्थी न केवल अच्छे खिलाड़ी बनते हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य, अनुशासन और स...
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