वाराणसी, नवम्बर 26 -- सारनाथ, हिन्दुस्तान संवाद। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सदस्य डॉ. सीके सलूजा ने कहा कि एनसीटी (राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद) की ओर से केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान को आईटीईपी (चार वर्षीय एजुकेशन स्नातक) की मान्यता मिलना गौरव का विषय है। यह पाठ्यक्रम तिब्बती एवं हिमालयन छात्रों में उनकी सांस्कृतिक समझ एवं परंपरा के प्रति संवेदनशील होने में महत्वपूर्ण होगा। सारनाथ स्थित केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के नालंदा भवन कमेटी रूम में आयोजित संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि आईटेप का मूल उद्देश्य करुणा एवं मानवता के प्रति संवेदनशील होना है, जो बौद्ध धर्म का मूल है। छात्रों में एक दूसरे के प्रति करुणा एवं राष्ट्रीयता का विकास करना ही नई शिक्षा नीति के मूल में है। अध्यक्षता करते हुए संस्थान के कुलपति डब्लू डी. नेगी ने कहा ...