सोनभद्र, दिसम्बर 23 -- रेणुकूट, हिन्दुस्तान संवाद। स्थानीय नगर के गांधी मैदान में चल रही संगीतमय श्रीराम कथा के दौरान कथावाचक निलेश जी महाराज ने श्रीराम के बाल्यकाल, ताड़का वध एवं अहिल्या उद्धार के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान भक्ति संगीत, सुमधुर भजनों और मधुर स्वर लहरियों ने पूरे पंडाल को राममय कर दिया। इस दौरान निलेश जी महाराज ने श्रीराम के बाल्यकाल का वर्णन करते हुए कहा कि प्रभु राम का जीवन बचपन से ही मर्यादा, करुणा और धर्म का प्रतीक रहा है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार बाल रूप में भी श्रीराम में असाधारण गुण विद्यमान थे और गुरु आज्ञा पालन उनका सर्वोच्च धर्म था। इसके पश्चात ताड़का वध के प्रसंग को प्रस्तुत करते हुए कथावाचक ने बताया कि महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा पर अधर्म और अत्याचार का प्रतीक बनी राक्षसी ताड़का का वध कर श्रीर...
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