लखनऊ, जुलाई 5 -- शारजाह में मृत मार्चेंट नेवी के इंजीनियर अनुराग तिवारी का शव शनिवार सुबह 10:38 बजे जब घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिजनों व रिश्तेदारों के बीच चीख पुकार मच गई। शव ताबूत में घर पहुंचा था। अंतिम संस्कार के लिए ताबूत से निकालते समय अनुराग के छोटे भाई अमन के हाथ कांप गए। वह समझ नहीं पा रहे थे, कि ताबूत की आखिरी कील निकलने के बाद भाई का शव वह कैसे देख पाएंगे। कुछ देर के लिए वह ठहरे तो लोग पीठ सहलाने लगे। फिर हिम्मत जुटाई और ताबूत खोला। शव देखकर वह चेहरा सहलाने लगे। इस बीच सिराहने खड़े अनिल तिवारी वहीं बैठ गए और दोनों हाथों से बेटे का चेहरा पकड़ लिया। उनके आंसू सूख चुके थे, दर्द दिल में ही दबा था। लोग इन्हें संभाल रहे थे, तभी अनुराग की पत्नी चीखती हुई शव के करीब पहुंची। पति का शव देखते ही भाव्या लिपट गईं। बोली, तुम तो जल्दी आने...
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