मऊ, फरवरी 20 -- मऊ, संवाददाता। तापमान में असामान्य वृद्धि ने जिले के किसानों के माथे पर चिन्ता की लकीरें ला दी हैं। उन्हें गेहूं का उत्पादन घटने का डर सता रहा है। बुधवार को भी अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। किसानों का कहना है कि अधिकतम तापमान 15 मार्च तक 20-23 डिग्री सेल्सियस तक ही रहना चाहिए। इससे अधिक तापमान नुकसान कराएगा। हालांकि अगेती बुवाई करने वाले को तो ज्यादा नुकसान का डर नहीं है, लेकिन पछेती खेती करने वालों की उपज 40 प्रतिशत कम होने की आशंका है। इसके अलावा मौसम का असर दलहनी और तिलहनी फसलों पर भी देखा जा रहा है। फरवरी माह में ही अधिकतम पारा 25 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। किसानों के अनुसार वातावरण की नमी और ओस एकदम गायब है। इससे गेहूं की बालियां पतली होने की संभावना है। दोहरीघाट क्षेत्र के फरसरा खुर्द के किसा...
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