चंदौली, जनवरी 9 -- चंदौली, संवाददाता। तापमान में लगातार गिरावट और धुंध रबी फसलों के लिए नुकसानदायक सिद्ध हो सकती है। फसलों में लगने वाले कीट एवं रोग से बचाव के लिए किसान विभिन्न प्रकार के रसायन प्रयोग कर सकते हैं। यह रसायन जिले के कृषि रक्षा इकाईयों पर अनुदान पर उपलब्ध है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी स्नेह प्रभा ने कहा कि जैव रसायन ट्राइकोडर्मा एवं ब्यूवेरिया बेसियाना पंजीकृत कृषकों को 75 प्रतिशत अनुदान पर दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कृषि रक्षा रसायनों पर 50 प्रतिशत अनुदान की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि कीटनाशी तरल जैविक रसायनों के बावजूद प्रोफेनोफास 50 ईसी, इमिडाक्लोपिड 17.8 प्रतिशत एसएल, मैलाथियान 50 प्रतिशत ईसी, क्लोरपायरीफॉरा 20 प्रतिशत, ईसी और क्लोरेन्ट्रानिलोप्रोल 18.8 फीसद एससी कीटनाशी तरल उपलब्ध है। फफूंदनाशी फफूंदनाशक श्रेणी में क...
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