नई दिल्ली, नवम्बर 17 -- बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे बड़े उलटफेर वाले रहे हैं। एग्जिट पोल्स में आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन की हार का अनुमान लगाया गया था, लेकिन यह पराजय इतनी बड़ी होगी, यह किसी ने सोचा तक नहीं था। तथ्य यह है कि आरजेडी जिस MY समीकरण यानी यादव और मुस्लिम वोटबैंक को अपनी ताकत मान रही थी, वही उसकी कमजोरी बन गया। हालात ऐसे हैं कि विधानसभा में मंडल कमीशन के दौर के बाद सबसे कम यादव पहुंचे हैं। इसके अलावा मुस्लिमों की संख्या भी 11 ही हो गई है और सबसे ज्यादा 5 मुसलमान विधायक अब AIMIM के हैं। इसकी वजह यह मानी जा रही है कि 17 फीसदी आबादी वाले मुसलमान वोटबैंक और 14 फीसदी यादवों के मुकाबले अन्य समुदाय और जातियां एकजुट नजर आईं। काउंटर-पोलराइजेशन काफी मजबूत रहा और एकमुश्त वोटबैंक तेजस्वी यादव के लिए कम पड़ गया। यह स्थिति कमोबेश हर...