सहारनपुर, जनवरी 10 -- जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं दारुल उलूम सदर मुदर्रिस (प्राचार्य) मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि देश ही नहीं विदेशो में जहां-जहां दीनी तालीम (धार्मिक शिक्षा) दी जा रही हैं वहां प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से दारुल उलूम के उलेमा जुड़े हुए हैं। दारुल उलूम में आयोजित वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में मौलाना अरशद मदनी ने तलबा को नसीहत करते हुए किताबों की अहमियत बताई। कहा कि किताबों से तलबा का रिश्ता कभी नहीं टूटना चाहिए, इसलिए उन्हें अपना ज्ञान बढ़ाने के लिए अपनी निजी लाइब्रेरी बनानी चाहिए। उन्होंने मौजूदा हालात का हवाला देते हुए तलबा को नसीहत करते हुए कहा कि वह मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के बेवजह इस्तेमाल से बचें क्योंकि दीनी मदारिस सांप्रदायिक ताकतों के निशाने पर हैं, उनकी एक छोटी सी गलती को पहाड़ बनाकर देश और दु...
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