बांका, फरवरी 18 -- बांका, एक संवाददाता। इस्लामी महीनों में सबसे मुकद्दस महीना रमज़ान है, जिसकी शुरुआत बुधवार की शाम से तरावीह की नमाज़ के साथ हो गई और गुरूवार से पहला रोज़ा रखा जाएगा। रमज़ान इस्लामी कैलेंडर का नौवाँ महीना है, जिसे पूरी दुनिया के मुसलमान रहमत, बरकत और मग़फिरत का महीना मानते हैं। जामिआ इस्लामिया फाउंडेशन, बांका के अध्यक्ष समी हासमी ने बताया कि इस महीने की सबसे बड़ी फ़ज़ीलत यह है कि इसी में क़ुरआन का नुज़ूल हुआ। अल्लाह तआला ने फ़रमाया कि रमज़ान वह महीना है जिसमें क़ुरआन उतारा गया, जो तमाम इंसानों के लिए हिदायत है। रमज़ान की अहम इबादत रोज़ा है। रोज़ा केवल भूख-प्यास से रुकना नहीं, बल्कि गुनाहों से बचना और तक़वा अपनाना है। क़ुरआन में इरशाद है: "ऐ ईमान वालों! तुम पर रोज़े फ़र्ज़ किए गए, ताकि तुम तक़वा इख़्तियार करो।" हदीस में आय...