सिद्धार्थ, दिसम्बर 27 -- सिद्धार्थनगर, हिन्दुस्तान टीम। पिछले 10 दिनों से तराई के आंगन में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शनिवार की सुबह दिन की शुरुआत घने कोहरे और सिहरन भरी ठंड के साथ हुई। दृश्यता बेहद कम रहने से जहां आम लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा, वहीं ठंडी हवा और गिरते तापमान ने गलन और बढ़ा दी। पारा गिरने और ठंडी हवा चलने से लोग ठंड व गलन से परेशान रहे। लगातार बढ़ती ठंड का असर न केवल मनुष्यों बल्कि पशु-पंक्षियों पर भी साफ नजर आया। ग्रामीण इलाकों में पशुपालक जानवरों को ठंड से बचाने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करते दिखे, लेकिन गलन इतनी अधिक रही कि प्रयास नाकाफी साबित हुए। राज्य कृषि मौसम केंद्र के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि कोहरा और पछुआ हवा के चलने से ठंड का प्रकोप अभी जारी रहे...
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