कानपुर, जनवरी 23 -- कानपुर, वरिष्ठ संवाददाता। स्ववित्तपोषित विद्यालयों में फीस, किताब-कॉपी, जूते-मोजे और यूनिफॉर्म को लेकर अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ के बीच जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। वसूली गई अतिरिक्त फीस वापस कराने के साथ अन्य नियमों के उल्लंघन पर पांच लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा। बार-बार उल्लंघन पर मान्यता समाप्त कराने की संस्तुति की जाएगी। यह निर्णय शुक्रवार को उत्तर प्रदेश शुल्क नियामक समिति की नवीन सभागार में हुई बैठक में लिया गया। बैठक डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई। यहां उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र (शुल्क निर्धारण) अध्यादेश-2018 के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। बैठक में डीएम ने कहा कि फीस निर्धारण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए ...