लखनऊ, जनवरी 24 -- नई बिजली दरें तय समय में लागू होने की व्यवस्था करने के लिए प्रस्तावित राष्ट्रीय विद्युत नीति- 2026 के खिलाफ केंद्र सरकार को आपत्तियां भेजी गई हैं। केंद्रीय सलाहार समिति के सदस्य ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय को विधिक पत्र भेजते हुए इस प्रस्तावित व्यवस्था को विद्युत अधिनियम-2003 का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि नई प्रस्तावित नीति में व्यवस्था दी गई है कि अगर राज्य के नियामक आयोग तय समय में बिजली दरें नहीं तय कर पाते हैं, तो एक अप्रैल से नई बिजली दरें लागू हो जाएंगी। उत्तर प्रदेश में बीते कई वर्षों की स्थिति देखी जाए तो यह साफ हो जाएगा कि बिजली कंपनियां झूठे दावे करके दरों में इजाफा चाहती हैं, जबकि खुली सुनवाई में उनके दावों को खारिज कर दिया जाता है। अगर यह व्यवस्था लागू हो गई तो यह उपभोक...
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