नई दिल्ली, जनवरी 10 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के रुख से मजबूत गठबंधन के सहारे बदलाव की स्थिति बनाने की भाजपा की कोशिशों को झटका लग सकता है। अन्नाद्रमुक नेता ई. पलानीस्वामी अभी भी अन्नाद्रमुक के अन्य धड़ों को साथ लेने के लिए तैयार नहीं हैं। इसके अलावा सीटों के बंटवारे को लेकर भी पेच फंसा हुआ है। हालांकि, गठबंधन में आई ए. रामदास के नेतृत्व वाली पीएमके को लगभग 16 सीट देने का फॉर्मूला सामने आया है। तमिलनाडु की द्रविड़ राजनीति में भाजपा के लिए राज्य की दो में से एक बड़ी द्रविड़ पार्टी को साथ रखना मजबूरी है। ऐसे में विपक्षी अन्नाद्रमुक के साथ उसका गठबंधन बना हुआ है और दोनों दल मिलकर चुनाव मैदान में भी हैं। हालांकि, जयललिता के निधन के बाद कई धड़ों में बंटी अन्नाद्रमुक को एक साथ लाने का मामला अभी भी उलझा हुआ है। गृह ...