नई दिल्ली, जनवरी 1 -- मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए-2 सरकार के दौरान हुए अन्ना आंदोलन को लेकर करीब डेढ़ दशक बाद इसके एक प्रमुख चेहरे को इसमें शामिल होने पर पछतावा हो रहा है। चर्चित वकील और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता प्रशांत भूषण ने करीब डेढ़ दशक बाद कहा है कि इसका फायदा उठाकर भाजपा केंद्र की सत्ता में आ गई और वैकल्पिक राजनीति देने उपजी आम आदमी पार्टी (आप) भी दूसरे दलों जैसी ही बन गई। भूषण ने यह भी याद किया कि कैसे अरविंद केजरीवाल के एक कदम से उन्हें बड़ा झटका लगा था और उन्हें अहसास हुआ था कि वह 'ठीक आदमी नहीं हैं।' दरअसल, 26 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पहली पुण्यतिथि पर प्रशांत भूषण ने एक्स पर जो कुछ लिखा उसकी बहुत चर्चा हो रही है। वरिष्ठ वकील ने मनमोहन सिंह की तारीफ करते हुए पछतावा जाहिर किया कि वह एक ऐसे आंदोलन का ...
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