रांची, दिसम्बर 2 -- रांची, विशेष संवाददाता। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) की 45वीं रबी अनुसंधान परिषद की बैठक मंगलवार को हुई। इसमें वर्षभर के रबी फसलों के शोध कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। अभिनव खेती में विशेष योगदान देनेवाले किसानों को सम्मानित भी किया गया। बैठक में कृषि वैज्ञानिक और महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के पूर्व कुलपति डॉ एसएस चहल ने वैज्ञानिकों से आग्रह किया है कि वे पानी का कुशल उपयोग करने वाली, ऊष्मा तनाव-सहिष्णु, उच्च पोषक तत्वों वाली जैव-संवर्धित फसल किस्मों के विकास पर काम करें, ताकि पोषण सुरक्षा की चुनौतियों का सामना किया जा सके। उन्होंने जोर दिया कि शोध को दलहन, तिलहन, सब्जियों, फल और मसालों जैसी उच्च गुणवत्ता व उच्च उपयोगिता वाली फसलों पर केंद्रित करने की आवश्यकता है, जिससे किसानों की आय...
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