धनबाद, नवम्बर 25 -- धनबाद, संवाददाता। भाग्य के भरोसे नहीं बैठकर सिंदरी की एक महिला ने तदबीर से अपनी तकदीर बदली। धनबाद के सिंदरी की महिला छह वर्षों से देसी मुर्गी पालन कर आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी है। महिलाएं घर से ही कारोबार शुरू कर सकती हैं। पोल्ट्री फार्मिंग ऐसा व्यवसाय है, जिसमें कम निवेश में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। चूजों के शुरुआती 10-15 दिनों की देखभाल बेहद जरूरी होती है, जिसमें सही तापमान, स्वच्छता और संतुलित फीड शामिल हैं। सिंदरी की पूनम देवी ने 2020 में महज 500 देसी चूजों से कारोबार शुरू किया। उनका छोटा-सा कारोबार बड़े फार्म की शक्ल में बदल चुका है, जहां से झारखंड, बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में देसी मुर्गे और मुर्गी की सप्लाई होती है। मेहनत, समझदारी और प्रबंधन कौशल के बल पर उनका हर साल लाखों रुपए का कारोबा...
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