महाराजगंज, मार्च 19 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। होली की छुट्टी बिताने के बाद मुंबई और नागदा जाने के लिए आरक्षण केंद्र पर लगातार तीन रातें जागने के बाद भी भरत व पन्नेलाल को कंफर्म सीट नहीं मिली। दोनों ने काफी प्रयास किया, लेकिन टिकट वेटिंग हो गया। यही हाल निखिल का भी रहा। कई प्रयास के बाद भी जब इन्हें सीट नहीं मिली तो सभी निराशन हो गए। यह आलम सिसवा आरक्षण खिड़की पर रहा। महज 60 से 70 सेकेंड में ही तत्काल कोटे की सभी सीटें गायब हो जाती रहीं। लाइन में लगे दूसरे यात्री के हाथ वेटिंग का ही टिकट आ रहा है। एक अदद सीट पाने के लिए यात्री एक दिन पहले से ही रात में लाइन लगाना शुरू कर दे रहे हैं। रात में जुटे यात्री मांग पर्ची पर क्रम से नाम लिखकर रात भर जागने के बाद सुबह ही तत्काल कोटे की लाइन लगाते हैं। लाइन में लगे पहले यात्री को तो कंफर्म बर्थ मि...
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