लखनऊ, फरवरी 24 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने रामपुर में सीओ सिटी के पद पर तैनात रहे विद्या किशोर को राहत देते हुए उनके खिलाफ शासन द्वारा पारित पदावनति के आदेश को निरस्त कर दिया है। गैंगरेप के एक मामले में 35 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में 11 अगस्त 2023 को आदेश पारित करते हुए उन्हें उनके मूल सब-इंस्पेक्टर के पद पर पदावनत कर दिया गया था। न्यायालय ने मामले को जांच अधिकारी के पास वापस भेजते हुए आरोप पत्र के आगे की जांच फिर करने का आदेश दिया है। साथ ही उक्त कार्यवाही को चार माह में पूरा भी करने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति आलोक माथुर की एकल पीठ ने विद्या किशोर की याचिका पर पारित किया। याची की ओर से दलील दी गई कि उस पर रामपुर का सीओ सिटी रहने के दौरान आरोप लगा था कि गैंगरेप की एक शिकायत मिलने के बावजूद उसने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद...
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