गिरडीह, नवम्बर 21 -- पीरटांड़। पीरटांड़ प्रखण्ड मुख्यालय लगभग चालीस किलोमीटर दूर में बसा मधुबन पंचायत का आदिवासी बाहुल्य ढोलकट्टा गांव के ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल नसीब नहीं है। आज भी ढोलकट्टा गांव के ग्रामीण नदी नाले का पानी पीने को मजबूर हैं। प्रखण्ड मुख्यालय से काफी दूर होने के कारण सरकारी पदाधिकारी जनसमस्या से अनभिज्ञ हैं। बताया जाता है कि मधुबन पंचायत का आदिवासी बाहुल्य गांव ढोलकट्टा प्रखण्ड मुख्यालय से लगभग चालीस किलोमीटर दूरी में बसा है। मधुबन से पहाड़ के रास्ते ढोलकट्टा जाना बेहद कठिन है। इस लिहाज से ढोलकट्टा के ग्रामीण डुमरी के रास्ते मधुबन अथवा पीरटांड़ पहुंचते हैं। अंधकार में छुपा गांव ढोलकट्टा में बिजली पहुंच गई है पर गांव में पेयजल की गंभीर समस्या है। गांव के ग्रामीणों को शुद्ध व स्वच्छ पेयजल नसीब नहीं है। गांव के लोग आज भी नदी न...
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