धनबाद, जनवरी 16 -- धनबाद। डीवीसी को तीन कोल ब्लॉक आवंटन के बाद यह तय है कि कोल इंडिया पर कोयले के लिए डीवीसी की निर्भरता ढाई-तीन साल में खत्म हो जाएगी। कोयला मंत्रालय ने डीवीसी को आवंटित कोल ब्लॉक में खनन की स्वीकृति दे दी है। बिजली उत्पादन के लिए डीवीसी में सालाना 20 मिलियन टन से अधिक कोयले की खपत होती है। डीवीसी को ज्यादातर कोयले की आपूर्ति कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी बीसीसीएल और ईसीएल से होती रही है। अब डीवीसी को कोल ब्लॉक आवंटित हो जाने के बाद बीसीसीएल और ईसीएल की चिंता बढ़ गई है। इन दोनों कोयला कंपनियों को अभी से नए ग्राहक की तलाश शुरू करनी होगी। मालूम हो कि कोयला मंत्रालय के साथ डीवीसी का तीन कोल ब्लॉकों के लिए करार हो गया है। डीवीसी को आवंटित तीनों कोल ब्लॉकों से सालाना 49 मिलियन टन कोयला उत्पादन संभव है। यानि जरूरत से ज्यादा कोयला...