पाकुड़, नवम्बर 23 -- हिरणपुर, एक संवाददाता। प्रखंड के एक छोटे से सरकारी विद्यालय (प्राथमिक विद्यालय धनबाद) में पिछले 32 वर्षों से लगातार सेवा दे रही शिक्षिका निर्मला मुर्मू आज भी छात्रों को उसी उत्साह और लगन से पढ़ाती है, जैसे अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों में पढ़ाया करती थीं। उनकी निष्ठा, अनुशासन और बच्चों के प्रति प्रेम उन्हें पूरे क्षेत्र में एक मिसाल बनाता है। ग्रामीण परिवेश के इस विद्यालय में शिक्षा को नई दिशा देने में उनका योगदान सराहनीय है। उन्होंने न केवल पढ़ाई को सरल और रोचक बनाने का प्रयास किया, बल्कि विद्यालय में नामांकन बढ़ाने, ड्रॉप-आउट रोकने और बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि जगाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षिका ने बताया कि जब उन्होंने नौकरी की शुरुआत की थी, तब मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव था। वे बच्चों को पेड़ के नी...