छपरा, जनवरी 31 -- छपरा, हमारे प्रतिनिधि। बड़ी प्रचलित लोकोक्ति है- जाके पांव न फटे बिवाई, से का जाने पीर पराई । ऐसी लोकोक्ति व्यंग्यात्मक भाव से कही-सुनी जाती है पर इस बार ठीक इसके उल्टा हुआ। छपरा-आरा डोरीगंज पुल पर लगातार जाम की हकीकत जानने शुक्रवार की रात सारण एसपी खुद पहुंचे। दो घण्टे जाम में खुद को रखा और तब जान पाए लोगों का असली दर्द।। सारण की समस्याओं में एक स्थायी समस्या है- जाम। एसएसपी ने इस समस्या को कागजी सूचनाओं और योजनाओं से इतर जाकर धरातल पर समझने की सकारात्मक कोशिश की। मकसद था डोरीगंज पुल पर लगने वाले जाम का कारण जानना व इसके निदान की प्रभावी व धरातली पहल करना। वैसे नतीजा वही हुआ जो आम लोगों के साथ होता है। जाम की हकीकत समझने में खुद एसएसपी दो घंटे तक सामान्य लिबास और कार में फंसे रहे। सादी वर्दी में प्राइवेट वाहन से निकले ए...