मुरादाबाद, मई 23 -- तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, के फार्मेसी कॉलेज में फार्माकोग्नोसी के विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष सिंघई की झोली में एक और पेटेंट आया है। भारतीय पेटेंट के अलावा डॉ. सिंघई के नाम दो जर्मन पेटेंट भी हैं। इस शोध में उन्होंने भारतीय औषधीय पौधों की जैव-सक्रियता का अध्ययन कर एक प्रभावशाली हर्बल फार्मूलेशन विकसित किया, जो रुमेटॉयड आर्थराइटिस के प्रबंधन में उपयोगी सिद्ध होगा। बताया कि रुमेटॉयड आर्थराइटिस जैसी जटिल बीमारी के लिए यह फार्मूलेशन सुरक्षित और किफायती समाधान देगा। डॉ. सिंघई बताते हैं, इस शोध में तीन हर्बल औषधियों की रुमेटॉयड आर्थराइटिस पर जैव-सक्रियता का गहन अध्ययन किया गया।
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