रांची, नवम्बर 26 -- रांची, विशेष संवाददाता। रांची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर उर्दू विभाग में बुधवार को संविधान दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद रिजवान अली ने कहा कि संविधान एक जीवंत और गतिशील दस्तावेज है, जो हर युग में मार्गदर्शन प्रदान करता है और जो प्रत्येक नागरिक को मूल अधिकारों, स्वतंत्रता, समानता और न्याय की गारंटी देता है। उन्होंने संविधान निर्माण में सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका पर बात की। उन्होंने कहा कि दस्तूर-साज़ असेंबली में उस समय लगभग 80 मुस्लिम सदस्य मौजूद थे, लेकिन उन्होंने पिछड़े और उपेक्षित मुसलमानों के लिए कोई प्रभावी संवैधानिक पहल नहीं की। इसके विपरीत, सरदार वल्लभभाई पटेल वह व्यक्तित्व थे जिन्होंने 1934-35 के गर्वमेंट ऑफ इंडिया एक्ट के संदर्भ में स्पष्ट रूप से यह मत रखा कि सामाजिक पिछड़ापन...