सुल्तानपुर, जनवरी 21 -- सुलतानपुर। निस्वार्थ सेवा को मानवता की सबसे बड़ी सेवा माना जाता है और इसी भावना को अपने जीवन व कर्म में आत्मसात कर डॉ. चन्द्रपाल राजभर निरंतर समाज के लिए कार्य करते आ रहे हैं। चित्रकला, लेखन और शिक्षण के माध्यम से सामाजिक जागरूकता फैलाने वाले बहुआयामी व्यक्तित्व डॉ. चन्द्रपाल राजभर को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए स्वामी विवेकानंद राष्ट्रीय सेवा रत्न सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान शांति फाउंडेशन, गोंडा की ओर से राष्ट्र निर्माण एवं सामाजिक क्षेत्र में उनके सतत और प्रभावशाली कार्यों को देखते हुए प्रदान किया गया। डॉ. राजभर लंबे समय से कला को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाकर पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, मानवीय मूल्यों और वैज्ञानिक सोच के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी चित्रकृतियां और लेख...