गया, नवम्बर 10 -- दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के जनसंचार एवं मीडिया विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनिंद्य देब और उनकी शोधार्थी अंजली जोशी द्वारा लिखित ''एंडोमेट्रियोसिस से ग्रस्त महिलाओं की प्रकटीकरण गतिशीलता और संचार चुनौतियां'' शीर्षक पर एक महत्वपूर्ण शोध पत्र स्कोपस-सूचीबद्ध पत्रिका ''वुमेन्स रिप्रोडक्टिव हेल्थ'' में प्रकाशित हुआ है। यह शोध न केवल विद्वानों की समझ को बढ़ाता है, बल्कि एंडोमेट्रियोसिस से जूझ रही महिलाओं की आवाज़ को भी बुलंद करता है, जो स्वास्थ्य सेवा प्रणाली और समाज दोनों में ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर रही है। पीआरओ मो. मुदस्सीर आलम ने बताया कि यह शोधपत्र एंडोमेट्रियोसिस से ग्रस्त उन महिलाओं की वास्तविकताओं पर अंतर्दृष्टि प्रदान करता है जो अक्सर अपनी समस्या बताने से हिचकिचाती हैं। यह शोधपत्र व्यक्तिगत स...