आजमगढ़, फरवरी 13 -- आजमगढ़, संवाददाता। हरिऔध कला केंद्र में शुक्रवार को दलित चिंतक और साहित्यकार डॉ. तुलसीराम की पुण्यतिथि पर 'डॉ. तुलसी राम का साहित्य और समाज-दर्शन' विषय पर राष्ट्रीय परिसंवाद का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं विचारक प्रो.दीपक मलिक ने कहा कि अपने लेखन के माध्यम से सामाजिक, राजनीतिक यथार्थ को तुलसीराम ने अभिव्यक्ति दी है। उन्होंने एक नए हिन्दुस्तान की परिकल्पना करते हुए उसमें बुद्ध, माक्र्स और आंबेडकर की आकांक्षाओं का समाज बनाने की रूपरेखा प्रस्तुत की है। वे चाहते थे कि हाशिए के लोग समाज की मुख्य धारा में आए, उसकी विडंबनाएं खत्म हों। प्रो.मलिक ने कहा कि अपने आरम्भिक जीवन में डॉ. तुलसीराम ने अपार कष्ट,अपमान और याचनाएं झेलीं, लेकिन वे संघर्ष से कभी पीछे नहीं हटे। उनका अथाह ज्ञान न सिर्फ दलित समाज के लि...