मेरठ, दिसम्बर 7 -- डॉ.भीमराव अंबेडकर केवल भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पकार ही नहीं थे बल्कि वे आधुनिक भारत की सामाजिक-आर्थिक एवं शैक्षिक पुनर्रचना के चिंतक और मार्गदर्शक भी थे। उनका संपूर्ण जीवन सामाजिक भेदभाव, अस्पृश्यता और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की गाथा है। डॉ. आंबेडकर ने शोषित-वंचित वर्गों को आत्मसम्मान, समान अधिकार और गरिमापूर्ण जीवन का मार्ग दिखाया। सीसीएसयू कैंपस स्थित मान्यवर कांशीराम शोधपीठ में डॉ.भीमराम अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर यह बात 'डॉ.भीमराव आंबेडकर: भारत में उच्च शिक्षा' विषय पर हुई गोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता एवं चितकारा विवि पंजाब से प्रो.धीरेश कुलश्रेष्ठ ने कही। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य डॉ.सुषमा गौडियाल ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन प्रत्येक नागरिक को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सजग रहने, वैज्ञानि...