मोतिहारी, नवम्बर 24 -- घोड़ासहन। स्वास्थ्य विभाग हालांकि सरकार के उच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण घोड़ासहन का स्वास्थ्य विभाग खुद ही बीमार हो गया है। जिसे खुद इलाज की जरूरत है। डाक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों की भारी भरकम संख्या पर बड़ी राशि के खर्च के बावजूद इलाज की बस औपचारिकता पूरी की जा रही है। वर्त्तमान में बिना प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के ही यह विभाग चल रहा है। मुख्यालय में दो एमबीबीस डाक्टरों सहित आठ चिकित्सक यहां पदस्थापित हैं, जिनमें आयुष, यूनानी व होमियोपैथ डाक्टर भी शामिल हैं। दो स्थानीय डाक्टरों को छोड़ सभी डाक्टर सप्ताह में एक दिन दूरदराज के शहरों से आते हैं। होमियोपैथ व यूनानी डाक्टर भी आश्चर्यजनक रूप से अंग्रेजी दवा लिखते हैं। दांत के डाक्टर भी ओपीडी में बुखार का इलाज करते नजर आ जाते हैं। पांच अतिर...
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