मथुरा, अक्टूबर 8 -- मथुरा। यमुना नदी के लगातार हो रहे तटीय कटान की सिंचाई विभाग ने बाढ़ से पहले ही तस्वीर बदल दी। विभाग ने जियो बैग के डैम्पनरों से कटान रोक कर मई माह में ही कच्चे किनारों को मजबूत कर दिया था। अन्यथा अगस्त माह की बाढ़ से यहां भारी कटान और बर्बादी हो सकती थी। छाता के चमनगढ़ी गांव के पास यमुना नदी के दाएं किनारों पर कई वर्ष से भारी कटान हो रहा था। यह कटान धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा था। इससे गांव के प्राथमिक विद्यालय के साथ बाबूगढ़, गुलालपुर, धीमरी, बहेटा आदि करीब आधा दर्जन गांव एवं किसानों की जमीनें प्रभावित हो रहीं थी। सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने वैज्ञानिक तकनीक से यहां करीब पौने दो करोड़ रुपए की लागत से जियो बैग के डैम्पनर बनाए हैं। इनके निर्माण में करीब ढाई माह का समय लगा था। इससे मई माह में ही न सिर्फ यमुना का तेज बहाव नियं...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.