मुंगेर, नवम्बर 24 -- जमालपुर। निज प्रतिनिधि जमालपुर प्रखंड में संचालित दर्जनभर प्राथमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन सिर्फ कागजी खानापूर्ति बनकर रह गयी है। इन विद्यालयों में ना तो जिला प्रशासन या शिक्षा विभाग के अधिकारी ही कभी औचक निरीक्षण व जांच करने आते हैं। सब ऑनलाइन कागजी खानापूर्ति प्रक्रिया से ही पूरी हो जाती है। विद्यालय प्रशासन इसका लाभ उठाकर एमडीएम में अनियमितता बरतने में कामयाब हो जाते हैं। वैसे शहरी व प्रखंड की अधिकांशत: सरकारी विद्यालयों में पहले से ही शिक्षा का स्तर गिरा हुआ है। उसपर एमडीएम की स्थिति बदतर हो गयी है। इसकी सुध लेने वाला ना तो शिक्षा विभाग है और एमडीएम विभाग ही है। इसका जीता उदाहरण शुक्रवार को प्राथमिक विद्यालय फरीदपुर में देखने को मिला। यहां मेनू के अनुसार बच्चों को भोजन देना था, लेकिन विद्यालय के प्रधानाचार्य ...