गोरखपुर, नवम्बर 23 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सुधारों की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (डी.लिट), डॉक्टर ऑफ साइंस (डी.एससी), डॉक्टर ऑफ लॉज (एलएलडी) अध्यादेश-2025 को स्वीकृत एवं लागू कर दिया है। यह नया अध्यादेश विश्वविद्यालय में लगभग 40 वर्ष बाद लाया गया है। इसके बाद पुराने 1985 के अध्यादेश को पूरी तरह से हटा दिया गया है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने इसे उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 52(5) के तहत अनुमति दी है। डीडीयू में पहली बार डॉक्टर ऑफ लॉज को लागू किया गया है। जबकि, अब तक 1985 के अध्यादेश में केवल डी-लिट और डी.एससी की ही व्यवस्था थी। नए अध्यादेश 2025 में पहली बार डॉक्टर ऑफ लॉज डिग्री को शामिल किया गया है। इससे विधि विषय...