विवेक पांडेय, फरवरी 14 -- परिवार के किसी सदस्य के अचानक लापता होने पर परिवारीजनों ने पुलिस में गुमशुदगी तो दर्ज करा दी, लेकिन जब वे लौट आए तो पुलिसवालों को बताने की जहमत नहीं उठाई। वहीं, इन मामलों में पुलिस भी कम लापरवाह नहीं रही। गुमशुदगी दर्ज करने के बाद उसने अपने स्तर से ज्यादा कुछ नहीं किया। यही वजह है कि गुमशुदा घर लौटे की नहीं, इसकी जानकारी उन्हें थी ही नहीं। अब जब गुमशुदगी को लेकर सख्ती हुई तो गोरखपुर पुलिस ने एक हफ्ते में 2275 गुमशुदा 'ढूंढ' डाले। हालांकि 320 अब भी लापता हैं पुलिस अधिकारियों का दावा है कि सत्यापन पूरा होने के बाद ही लापता की सही संख्या सामने आएगी।दिल्ली में 800 लोगों के लापता होने पर मची थी सनसनी दरअसल, पिछले दिनों दिल्ली में अचानक आठ सौ लोगों के लापता होने की सनसनी फैली थी। पता चला कि यह सिर्फ अफवाह थी। यह मामला ...
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