बोकारो, जनवरी 5 -- बोकारो, प्रतिनिधि। डीएवी सेक्टर 4 में पांच दिवसीय कथक व भरतनाट्यम का शिक्षण-प्रशिक्षण का कार्य पूर्ण हो गया। वैशाली ने शिव वंदना के द्वारा शिव के ग्यारह रूद्र, विराट स्वरूप व उनकी वेशभूषा को दर्शाते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की। कत्थक नृत्य के दूसरे चरण का प्रारंभ तराना के सरगम के साथ होती है। तीसरे चरण का आरंभ होता है ठुमरी से, जिसमें नृत्य द्वारा कृष्ण की बाल लीलाओं को दर्शाया गया है। कथक नृत्य में अमूमन ठुमरी कृष्ण की लीलाओं को ही दर्शाते हैं। विद्यालय के प्राचार्य एसके मिश्रा ने कहा शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक का सुदृढ़ व श्रेष्ठतम स्वरूप नृत्य है। मनःस्थिति को सुदृढ़ बनाने में भी नृत्य की भूमिका अहम है।

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