लखनऊ, फरवरी 25 -- - विधानसभा में उप्र नगर योजना और विकास (संशोधन) विधेयक पेश - शासन से नियुक्ति अधिकारी ही होगा अब विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष लखनऊ- विशेष संवाददाता जिलाधिकारी विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार अपने पास नहीं रख सकेंगे। राज्य सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी ही अब विकास प्राधिकरणों का उपाध्यक्ष होगा। विधानसभा में बुधवार को उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास (संशोधन) विधेयक-2025 पेश किया गया। इसमें इसकी व्यवस्था की गई, जिससे डीएम अपने पास उपाध्यक्ष का पद नहीं रख सकेगा। राज्य सरकार द्वारा मिर्जापुर-विंध्याचल विकास प्राधिकरण के गठन की अधिसूचना 13 सितंबर 2018 को जारी की गई। शासन स्तर से मिर्जापुर-विंध्याचल विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त नहीं किया गया, तो वहां के डीएम ने उपाध्यक्ष का चार्ज अपने पास रख लिया। इस मामले में ...
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