रामपुर, दिसम्बर 15 -- रामपुर में धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां की भाभी के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आजम खां की ओर से पैरोल दिए जाने का अनुरोध किया गया, लेकिन जिला मजिस्ट्रेट ने शासनादेश का हवाला देते हुए इसे अस्वीकार कर दिया। इसके चलते आजम खां अपनी भाभी की नमाज-ए-जनाजा और सुपुर्दे-खाक में शामिल नहीं हो सके। सोमवार शाम दफन में परिवार के सदस्यों के साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के लोग मौजूद रहे। सिविल लाइंस थाने में शहर विधायक आकाश सक्सेना की ओर से दर्ज कराए गए दो पैन कार्ड मामले में आजम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला को 17 नवंबर को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने सात साल के कारावास की सजा सुनाई थी। तब से दोनों रामपुर जिला कारागार में ब...
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