दरभंगा, नवम्बर 12 -- दरभंगा। डीएमसीएच के पीएसएम विभाग में दो महीने से भी अधिक समय से एंटी रेबीज सीरम (एआरएस) समाप्त रहने से कुत्ते, बंदर, सियार आदि का शिकार होकर पहुंचने वाले मरीजों के बीच हाहाकार मचा हुआ है। रोजाना इलाज के लिए दो दर्जन से अधिक मरीज पहुंचते है। इनमें से जिन्हें गंभीर जख्म रहता है उन्हें सीरम इंजेक्ट कराने की सलाह दी जाती है। सीरम उपलब्ध नहीं रहने के कारण अधिकांश मरीजों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। अन्य को निजी दुकानों से सीरम खरीदना पड़ रहा है। सीरम के लिए डीएमसीएच के पीएसएम विभाग को कई जिलों का सेंटर बनाया गया है। केवल दरभंगा ही नहीं बल्कि मधुबनी, सीतामढ़ी आदि जिलों से भी सीरम के लिए मरीजों को डीएमसीएच रेफर किया जाता है। यहां पहुंचने पर जब उन्हें पता चलता है कि दो महीने से सीरम उपलब्ध नहीं है तो वे स्तब्ध रह जाते हैं। पीएस...