गाजीपुर, नवम्बर 18 -- गाजीपुर, संवाददाता। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि फसलों के अच्छा उत्पादन के लिए नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश का अनुपात 4:2:1 का होना चाहिये। वर्तमान में यह अनुपात 28:9:1 है। यह अनुपात प्रदर्शित करता है कि किसान खेती के लिए बुवाई के समय अधिकांशत डीएपी का ही प्रयोग कर रहे है। इससे उनकी फसल को पोटाश की मात्रा ही मिल पा रहा है, जबकि एनपीके का प्रयोग करने पर सन्तुलित रूप से तीनो महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की उपलब्धता हो जाएगी। किसान डीएपी में केवल फास्फोरस (46 प्रतिशत) एवं नाइट्रोजन (18 प्रतिशत) का मिश्रण है, जिसमें पोटाश नहीं है, पोटेशियत तत्व नहीं होने के कारण फसल के उत्पादों की गुणवत्ता एवं उनकी प्रतिरोधक क्षमता से सीधा सम्बन्ध नहीं है। डीएपी उर्वरक केवल ए फार्मुलेशन में तैयार किया गया है। यह एक परम्परागत उर्वर...