कानपुर, मई 18 -- कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के प्रायोगिक परीक्षकों की सूची से बाहर हुए स्ववित्तपोषित शिक्षकों को दोबारा सशर्त शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। परीक्षा समिति के फैसले के बाद कई शिक्षकों ने विवि पहुंचकर सीडीसी निदेशक को जरूरी सभी दस्तावेज व प्रार्थना पत्र सौंप दिया है। कानपुर विश्वविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. कमलेश यादव और महामंत्री डॉ. अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि विवि के फैसले से सभी शिक्षक संतुष्ट हैं। सीएसजेएमयू से संबद्ध महाविद्यालयों में प्रायोगिक परीक्षा में सौ फीसदी अंक देने वाले जिन शिक्षकों को परीक्षक सूची से हटाकर डिबार लगा गया था, उनमें से अधिकांश ने सशर्त बहाली को समर्थन देते हुए प्रार्थनापत्र दे दिया है। वहीं, महाविद्यालयों के प्रबंधकों की ओर से इसका विरोध किया...
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